•   Friday, 09 Oct, 2026
A wonderful confluence of melody devotion and beats of the Banaras Gharana was witnessed today at the Ghat Sandhya programme organise

वाराणसी जिला प्रशासन की अभिनव सांस्कृतिक पहल सुबह ए बनारस के अंतर्गत आयोजित घाट संध्या कार्यक्रम में आज सुर, साधना और बनारस घराने की थाप का अद्भुत संगम देखने को मिला

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  Varanasi ki aawaz

वाराणसी जिला प्रशासन की अभिनव सांस्कृतिक पहल "सुबह-ए-बनारस" के अंतर्गत आयोजित घाट संध्या कार्यक्रम में आज सुर, साधना और बनारस घराने की थाप का अद्भुत संगम देखने को मिला

प्रथम चरण में  कोलकाता से पधारे युवा कलाकार वायलिन वादक सौपर्णो घोष  ने कार्यक्रम का शुभारंभ वैष्णव जन को तेने कहिए एवं रघुपति राघव और समापन शिव कैलाशो के वासी से किया।संगत कलाकार के रूप मे तबला वादक सुमन सरकार उपस्थित रहे ।वायलिन एवं तबला की जुगलबंदी ने श्रोताओं के हृदय को मंत्र मुग्ध कर दिया
द्वितीय चरण में वाराणसी की सुनिधि पाठक ने  उत्तर भारत का प्रसिद्ध नृत्य शैली कथक नृत्य का शुभारंभ देवी स्तुति तत्पश्चात धमार ताल और समापन ताल ठुमरी से किया
कलाकार ने पद-लय-ताल अंग संचालन एवं घुंघरू की झंकार के माध्यम से दर्शकों के हृदय को झंकृत किया।
प्रमाण पत्र और आशीर्वचन अभिजीत दीक्षित (इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र वाराणसी क्षेत्र के निदेशक), समाजसेवी एवं सुरगंगा के आयोजक आलोक पारिख ,धर्मवीर यादव, पी के श्रीवास्तव, के के श्रीवास्तव ,प्रवीण कुमार केसरी चार्टर्ड अकाउंटेंट, अपराजिता केसरी चार्टर्ड अकाउंटेंट प्रयागराज द्वारा प्रदान किया गया धन्यवाद ज्ञापन श्याम कुमार केसरी ने किया।
कार्यक्रम का संयोजन_"सुबह-ए-बनारस"_ के संस्थापक सचिव डॉ. रत्नेश वर्मा ने किया एवं सफल संचालन सीमा केसरी ने किया।
इस अवसर पर  डॉ प्रेम नारायण सिंह एवं भारी संख्या में दर्शकगण उपस्थित होकर इस सांस्कृतिक संध्या का आनंद लेते रहे।

रिपोर्ट- युवराज जायसवाल.. वाराणसी
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