•   Friday, 29 May, 2026
Police Commissioner Varanasi Commissionerate Mohit Agarwal inspected the Rohanian police station and the orderly rooms o

पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल द्वारा थाना रोहनियाँ का निरीक्षण एवं सर्किल रोहनियाँ के थाना लोहता तथा मण्डुवाडीह का अर्दली रूम निरीक्षण किया गया

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  Varanasi ki aawaz

पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल का बड़ा निर्णय जनपद में मार्किंग प्रणाली से होगी उपनिरीक्षकों के कार्यों की समीक्षा

पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल द्वारा थाना रोहनियाँ का निरीक्षण एवं सर्किल रोहनियाँ के थाना लोहता तथा मण्डुवाडीह का अर्दली रूम किया गया। 

निरीक्षण के दौरान अभिलेखों, कानून-व्यवस्था एवं कार्यप्रणाली की समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।

पुलिस आयुक्त नें निर्देशित किया कि जनपद के थानों पर नियुक्त समस्त उपनिरीक्षकों के कार्यों का मूल्यांकन निर्धारित मानकों के आधार पर मार्किंग प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा, जिससे कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही, प्रतिस्पर्धा एवं अपराध नियंत्रण की प्रभावशीलता सुनिश्चित की जा सके।

मार्किंग कुल 100 अंको में होगी जिसका विवरण निम्नवत है-  

समय सीमा (60 दिवस) के अंदर विवेचनाओं के निस्तारण पर 25 अंक।

प्रार्थना पत्रों के समयबद्ध, संतोषजनक निस्तारण पर 25 अंक।

एनबीडब्लू के अंतर्गत गिरफ्तारी पर 10 अंक।

बिना नम्बर प्लेट वाले वाहनों के विरूद्ध सीज की कार्यवाही पर 10 अंक।

विपरीत दिशा में वाहन चलानों वालों के विरूद्ध कार्यवाही करने पर 10 अंक।

क्षेत्र में जुआ, सट्टा, वेश्यावृत्ति, अवैध खनन, अवैध मादक पदार्थों के निर्माण एवं बिक्री करने वालों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही तथा अन्य सराहनीय कार्य करने पर 20 अंक।

प्राप्त अंकों के आधार पर रैंकिंग की जायेगी एवं रैंकिंग के आधार पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले उपनिरीक्षकों को चौकी प्रभारी बनाए जाने में वरीयता प्रदान की जाएगी।

पुलिस आयुक्त ने निर्देशित किया कि जनपद के सभी थानों में उपलब्ध पुलिस बल का 50 प्रतिशत भाग दिन के समय प्रमुख चौराहों, मुख्य मार्गों एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में तैनात रहे, जिससे पुलिस विजिबिलिटी बढ़े तथा जाम, अतिक्रमण एवं अपराध पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित हो।

रात्रिकालीन सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने हेतु निर्देशित किया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में 25 प्रतिशत एवं शहरी क्षेत्रों में 20 प्रतिशत पुलिस बल निरंतर सक्रिय गश्त पर रहेगा। उक्त व्यवस्था की नियमित समीक्षा, मॉनिटरिंग एवं आकस्मिक निरीक्षण स्वयं पुलिस आयुक्त द्वारा किया जाएगा।

निरीक्षण के दौरान विवेचना रजिस्टर एवं SID Creation की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया गया कि प्रत्येक मुकदमे में शत-प्रतिशत यूनिक SID अनिवार्य रूप से बनाया जाए तथा कोई भी विवेचना 60 दिवस से अधिक लंबित न रखी जाए।

पुलिस आयुक्त द्वारा निर्देशित किया गया कि प्रत्येक नव नियुक्त आरक्षी को क्षेत्रीय उत्तरदायित्वों, जनसंपर्क, अपराध नियंत्रण एवं कानून-व्यवस्था संबंधी कार्यों का व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाए, जिससे उनकी कार्यकुशलता, निर्णय क्षमता एवं पुलिसिंग दक्षता विकसित हो सके।

नव आरक्षियों को प्रतिदिन सुनियोजित 06 घंटे इनडोर एवं 06 घंटे आउटडोर प्रशिक्षण प्रदान करने के निर्देश दिए गए। साथ ही उन्हें थाना स्तर पर संपादित अभिलेखीय कार्य, बीट ड्यूटी, गश्त, जनसुनवाई एवं आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली का व्यावहारिक अनुभव कराया जाएगा।

पुलिस आयुक्त ने निर्देशित किया कि प्रत्येक नए आरक्षी को सीसीटीएनएस प्रणाली, सीडीआर विश्लेषण, सीसीटीवी फुटेज परीक्षण एवं डीवीआर संचालन का तकनीक आधारित प्रशिक्षण प्रदान किया जाए, जिससे उन्हें आधुनिक एवं तकनीकी पुलिसिंग के अनुरूप दक्ष बनाया जा सके।

ई-साक्ष्य एवं ई-समन प्रणाली के संबंध में समुचित प्रशिक्षण प्रदान करने के निर्देश दिए गए, जिससे नव आरक्षी डिजिटल साक्ष्यों के संग्रह, संरक्षण एवं न्यायालयीय प्रस्तुतिकरण के साथ-साथ समन के ऑनलाइन निर्गत एवं तामिला कार्य को प्रभावी ढंग से संपादित कर सकें।

पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल द्वारा थाना रोहनियाँ का निरीक्षण एवं सर्किल रोहनियाँ के थाना लोहता तथा मण्डुवाडीह का अर्दली रूम कर कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण एवं पुलिसिंग व्यवस्था की गहन समीक्षा की गई। 

निरीक्षण के दौरान पुलिस आयुक्त ने जनपद में उपनिरीक्षकों के कार्यों की समीक्षा हेतु “मार्किंग प्रणाली” लागू करने का महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए निर्देशित किया कि कार्यों का मूल्यांकन निर्धारित मानकों के आधार पर किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता, जवाबदेही एवं प्रतिस्पर्धात्मक कार्यसंस्कृति को बढ़ावा मिल सके। 

कुल 100 अंकों की इस प्रणाली में विवेचनाओं के समयबद्ध निस्तारण, प्रार्थना पत्रों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण, एनबीडब्ल्यू गिरफ्तारी, यातायात एवं अपराध नियंत्रण संबंधी कार्यों को शामिल किया गया है। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले उपनिरीक्षकों को चौकी प्रभारी बनाए जाने में वरीयता प्रदान की जाएगी। 

पुलिस आयुक्त ने दिन में 50 प्रतिशत पुलिस बल को प्रमुख चौराहों एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में तैनात रखने तथा रात्रिकाल में ग्रामीण क्षेत्रों में 25 प्रतिशत एवं शहरी क्षेत्रों में 20 प्रतिशत फोर्स को सक्रिय गश्त पर लगाने के निर्देश दिए। 

साथ ही नव आरक्षियों को तकनीक आधारित आधुनिक प्रशिक्षण प्रदान कर प्रभावी एवं जवाबदेह पुलिसिंग सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। 

इस दौरान अपर पुलिस आयुक्त अपराध आलोक प्रियदर्शी, पुलिस उपायुक्त वरूणा जोन प्रमोद कुमार सहित संबंधित सहायक पुलिस आयुक्त, थाना प्रभारी व अन्य कर्मचारीगण उपस्थित रहे ।

सोशल मीडिया सेल

पुलिस आयुक्त,

वाराणसी।

रिपोर्ट- युवराज जायसवाल.. वाराणसी
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