बिहार नीतीश कुमार सरकार की मनमानी से बेरोजगार हो रहे परेशान नहीं मिल रहा है निजात जाति जनगणना को रोक को लेकर कोर्ट पहुंचे सख्यिकी सेवक बिहार सरकार की बढ़ सकती है मुश्किले
बिहार नीतीश कुमार सरकार की मनमानी से बेरोजगार हो रहे परेशान नहीं मिल रहा है निजात जाति जनगणना को रोक को लेकर कोर्ट पहुंचे सख्यिकी सेवक बिहार सरकार की बढ़ सकती है मुश्किले
चैनपुर (कैमूर) । बिहार के नीतीश कुमार सरकार से खासकर बेरोजगार युवकों परेशान हैं। उनकी सरकार की मनमानी एवं तानशाही से पढ़े लिखे नौजवान को रोजगार मिलना तो दूर जिसकी नौकरी मिलती है उसका भी भविष्य नहीं है। उसको हटाकर सड़क पर कर दिया जा रहा है। यह हालत है हमारे बिहार सरकार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का। जहां विभाग भी है और काम भी है। इसके बाद भी बेरोजगार बना दिया जा रहा है। राज्य सरकार ने बड़े तैयारी के साथ जाति जनगणना का शुरू होने जा रहा है। लेकिन इस पर रोक के लिए बिहार के नौकरी से बर्खास्त सख्यिकी सेवक आगे आए है। और उन्होंने पटना हाईकोर्ट ने एक दायर मुकादमा दर्ज कराई है। इस संबंध में जानकारी देते हुए सख्यिकी सेवक संघ कमिटी के बिहार प्रदेश सदस्य राकेश कुमार सिंह ने बताया कि इसके पूर्व पटना हाईकोर्ट ने आदेश दिया था कि बिहार में इस विभाग में आवश्यक को देखते हुए बहाली निकाल कर सबसे पहले इनको अनुभव और प्रशिक्षित के आधार पर वरीयता देकर रखा जाएं। और जब भी काम आता है तो सबसे पहले इनको रखकर कार्य का निष्पादन करें। क्यों कि जनगणना संबंधित मामले में अनुभव है। लेकिन सरकार की मनमानी से हमलोगो को न रख कर अन्य विभाग में काम कर रहे लोगों को रखा गया है। हमलोगो को वंचित कर दिया गया है। जिस पर रोक लगाने के लिए कोर्ट में मुकदमा दर्ज किया गया है। हमलोगो का मांग है कि कोर्ट के आदेश और अनुभव के आधार पर शामिल किया जाए। अब देखना है कि इस मामले में कानून का मंदिर कोर्ट में न्यायाधीश द्वारा न्याय किस कदर मिलता है। अन्यथा सुप्रीम कोर्ट का शरण में जाने का जरूरत नहीं पड़ जाए। लेकिन लोगों ने भरोसा किया है कि न्याय के साथ जीत होगी।
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