कानपुर की जेलें बनीं वसूली का अड्डा 6 हजार रोज से 2 लाख महीना तक उगाही साफ कोठरी और समय पर खाने के नाम पर परिजनों से वसूली पैसा नहीं तो यातना
कानपुर की जेलें बनीं वसूली का अड्डा : ₹6 हजार रोज से ₹2 लाख महीना तक उगाही, साफ कोठरी और समय पर खाने के नाम पर परिजनों से वसूली, पैसा नहीं तो यातना
कानपुर:- उत्तर प्रदेश की कानपुर की अलग-अलग जेलों में कैदियों और उनके परिजनों से अवैध वसूली और प्रताड़ना के कई गंभीर मामले सामने आए हैं। जेल सूत्रों के अनुसार यह वसूली रोज़ और महीने के हिसाब से तय है।
जेल सूत्रों का दावा है कि बुनियादी सुविधाओं के नाम पर किसी परिजन से *₹6,000 रोज, तो किसी से ₹10,000 रोज, तो किसी से ₹50,000 महीना से लेकर ₹2 लाख महीना तक* की उगाही की जा रही है।
*प्रमुख मामले और खुलासे :*
*1. कानपुर जेल :* बुनियादी सुविधाएं जैसे साफ-सुथरी कोठरी और समय पर खाना देने के एवज में परिजनों से ₹50,000 से ₹1 लाख तक की मांग वार्डनों द्वारा किए जाने का आरोप।
*2. पद का दुरुपयोग :* पुरुष कैदियों से अवैध वसूली के मामलों की शिकायत पुलिस कमिश्नर *रघुवीर लाल* से कराई गई है, जिसमें उन्होंने जांच के बाद कार्यवाही का आश्वासन दिया है।
*3. लैंडलाइन से वसूली :* सबसे चौंकाने वाला तरीका। जेल के लैंडलाइन नंबर से कैदियों के परिजनों को फोन कर और मिलने आने वाले लोगों के माध्यम से रुपये की मांग की जा रही है। पैसे न मिलने पर कैदियों को यातनाएं देने की धमकियां दी जा रही हैं।
जेल के भीतर से आ रही इन शिकायतों के बाद सवाल उठ रहा है कि यदि उत्तर प्रदेश के *डीजीपी रामकृष्ण जी* द्वारा जेलों का औचक निरीक्षण किया जाए तो वसूली की कई परतें खुल सकती हैं।
_"वाराणसी की आवाज" इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। परिजनों के बयान और सबूत अगले अंक में।_
रिपोर्ट- विजय त्रिवेदी.. कानपुर
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